भोजपुरी सुपर स्‍टार खेसारीलाल यादव ने गीतकार और वर्तमान में बिहार के विधायक विनय बिहारी को करारा जवाब दिया है। उन्‍होंने उनके एक – एक आरोपों का जवाब बेहद शालीनता से दिया है और कहा कि मैं तो एक गायक हूं। गीत चोर नहीं है। अश्‍लीलता तो पहले उनके ही कलम से निकली है और ऐसे गाने भी उनकी ही बिरदारी (गीतकार) के लोगों ने लिखी है। खेसारीलाल ने कहा कि विनय बिहारी इंडस्‍ट्री में सिनियर हैं। मैं उनका सम्‍मान करता हूं। उन्‍होंने मेरे उपर अपने मन की भड़ास निकाली है, जिसका जवाब जनता ने उन्‍हें दे भी दिया है।

विनय बिहारी द्वारा लौंडा नाच के बयान से आहत खेसारीलाल यादव ने कहा कि नाच क्‍या गुनाह है। मुझे लगता है कि वह भी एक कला है। जब अमित जी (अमिताभ बच्‍चन) ने मेरे अंगने गाने में साड़ी पहन डांस किया था, तो वे गलत हो गए। भिखाड़ी ठाकुर भी नाच ग्रुप से आते थे। तो क्‍या वे गलत थे। खेसारीलाल यादव ने भोजपुरी के पुराने कलाकारों के अनादर पर कहा कि बिना जी लगाकर बात करना अपनत्‍व को दर्शाता है। हम माई रे कहते हैं, भाई रे कहते हैं। जैसे ही जी लगाते हैं, तो हम आपसे दूर हो जाते हैं। ये उन्‍हें समझना चाहिए।

खेसारीलाल यादव ने कहा कि भोजपुरी में अश्‍लीलता की बात कर रहे हैं, वो भी इसलिए के आज वे नेता बन गए हैं। मगर उन्‍हें नहीं भूलना चाहिए कि इसके सृजनकर्ता कौन हैं। उन्‍होंने मुझे अपने गांव भी बुलाया और अपने घर थाली में परोस कर खाना भी खिलाया। तब उन्‍हें अश्‍लीलता याद नहीं थी। उन्‍होंने विनय बिहारी के पीएम और सीएम वाले बयान पर कहा कि मुझे प्रधानमंत्री और मुख्‍यमंत्री बनने की क्‍या जरूरत है। जनता हमें प्‍यार करती है। हम जनता रूपी श्रोता को भगवान समझते हैं। और अगर नेता बनना है तो हम जनता के बीच जायेंगे और उनसे सलाह मशविरा लेंगे। जनहित में तो जो काम होगा करेंगे। ये तो बाद की बात है। लेकिन हम बस इतना कहना चाहते हैं कि उन्‍हें इस बार चुनाव में पता चल जायेगा, क्‍योंकि जिन कलाकारों को बुलाकर वे चुनाव जीतते हैं आज उनके बारे में ही अनाप – शनाप बोल रहे हैं। खेसारी और काजल राघवानी के ऊपर आरोप लगा कर विनय जी ने गलत किया है जिस का जवाब हमारे दर्शक दे चके है !